हरिद्वार की ताजा खबरें -- पतंजलि योगपीठ की ओर से निकली कोरोना जागरूकता रैली

उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविघालय एवं पतंजलि योगपीठ संयुक्त तत्वावधन मे कोरोना जागरूकता रैली निकाली गयी। रैली के दौरान पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य एवं अधीक्षक डा.डी.एन. शर्मा ने निःशुल्क कोरोनिल किट, सेनेटाईजर एवं मास्क का वितरण कराया। यह अभियान हरिद्वार तथा देहरादून जनपद मे पतंजलि भारतीय आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधन संस्थान के वरिष्ठ वैद्य डा.अरुण कुमार पांडे एवं डा.प्रत्युष कुमार के नेतृत्व में चलाया गया तथा लोगों को कोरोना महामारी एवं उसकी रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। रैली हरिद्वार से प्रारंभ होते हुए चंद्राचार्य चैक, ज्वालापुर, कनखल मध्य हरिद्वार, हर-की-पैड़ी, भीमगोडा एवं सप्तऋषि होते हुए देहरादून में नेपाली फार्म तथा डोईवाला आदि स्थानों पर गई। जिसमें औषधि तथा मास्क का निःशुल्क वितरण किया गया। मुख्य परिसर में उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुनील जोशी द्वारा रैली को हरी-झंडी दिखाकर रवाना किया गया। देहरादून में जोगीवाला, विधानसभा, रिस्पना पुल, आराघर, दर्शनलाल चैक, पुलिस मुख्यालय, सचिवालय, घंटाघर एवं जीएमएस रोड होते हुए आईएसबीटी पहुंच कर जागरूकता व औषधि व प्रचार सामग्री वितरण किया।

 पीठ बाजार ज्वालापुर में बाहरी दुकानदारों द्वारा दुकानें लगाने का विरोध

पीठ बाजार सामान्य व्यापारी विकास समिति के बैनर तले भेल सेक्टर वन के पीठ बाजार लघु व्यापारियों ने बाहरी जनपदों से दुकाने लगाने वाले लघु व्यापारियों का विरोध किया। पीठ बाजार व्यवसायियों का आरोप है कि बाहरी जनपद के व्यापारी स्थानीय व्यापारियों के साथ मारपिटाई व गालीगलौच कर रहे हैं। भेल सम्पदा विभाग को बाहरी जनपदों से पीठ बाजार में दुकानें लगा रहे असामाजिक तत्वों पर रोक लगाने की मांग की। अध्यक्ष ओमप्रकाश ने कहा कि भेल सेक्टर वन पीठ बाजार में वर्षो से दुकानें लगा रहे व्यापारियों से बाहरी जनपदों के व्यापारी मारपिटाई गालीगलौच कर रहे हैं। पीठ का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पीठ लगने वाले स्थान के बाहर दुकानें लगायी जा रही हैं। जिससे स्थानीय व्यापारियों को सामान लाने ले जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भेल सम्पदा विभाग को वेंडर लाईसेंस लागू कर स्थानीय व्यापारियों को सुविधाएं प्रदान की जाएं। आठ सौ दुकानदार पूर्व से ही भेल पीठ बाजार में दुकानें लगाते चले आ रहे हैं। मास्टर रामपाल व भगत सिंह ने कहा कि भेल सम्पदा विभाग को व्यापारियों का चयन कर दुकानें लगाने की अनुमति स्थानीय व्यापारियों को ही देनी चाहिए। काफी अर्से से फल, सब्जी, आलू, प्याज, कपड़े, जूते के अलावा चाट पकौड़ी की दुकानें लगाकर अपने परिवारों का लालन पालन कर रहे पीठ बाजार के स्थानीय व्यापारियों को बाहरी जनपदों से आ रहे व्यापारियों से दिक्कतें पेश आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि इन लघु व्यापारियों का सत्यापन भी किया जाए। क्योंकि कुछ असामाजिक तत्व दुकानें लगाकर स्थानीय व्यापारियों से लड़ाई झगड़े पर उतारू रहते हैं। सड़कों पर दुकानें लगायी जा रही हैं। जिससे ग्राहकों का भी परेशानी होती है। वेंडर लाईसेंस की प्रक्रिया को अतिशीघ्र लागू किया जाना चाहिए। रोष जताने वाले लघु व्यापारियों में रविन्द्र व राजकुमार बबलू शर्मा, कृष्णा, नामदेव, राजकुमार, भगत सिंह, मास्टर रामपाल, बबलू शर्मा, ऋषिपाल, राहुल कश्यप, सौरभ, मनोज पाल, राजीव गौतम, सुनील, राजेंद्र नामदेव, बबलू, प्रदीप नामदेव, ओमप्रकाश, अंशुल, सुन्दरलाल, अमित कुमार, जयकुमार आदि शामिल रहे। 

 भूमिगत बिजली लाइन बिछाने संबंधी कार्यों  की अनियमितताओं की जांच राज्यपाल से कराए जाने की मांग

महानगर व्यापार मंडल के कार्यकर्ताओ ने भूमिगत विधुत लाइन के कार्यो में लापरवाही पर आरोप लगात हुए राज्यपाल से जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में राज्यपाल को पत्र भी भेजा गया है। महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि कई जगह नए कनेक्शनों में लापरवाही के कारण तेज वोल्टेज ओर करंट की सूचनाएं आ रही हैं। अभी एक दिन पूर्व भीमगोडा में नई लाइन से कनेक्शन करने पर कुछ लोगो के विद्युत उपकरण फूंक गए। जिसकी शिकायत विधुत विभाग से की गई। कई स्थानों पर पूर्व में भी करंट की सूचनाएं आ चुकी हैं। कई स्थानों पर अर्थिंग नही की गई है। जिसकी वजह से भविष्य में करंट फैलने की पूरी आशंका है। कुछ स्थानों पर भूमिगत लाइन का ट्रांसफार्मर ओर पोल घटिया सामग्री, घटिया सीमेंट और कच्ची ईंटो से तैयार कर दिए गए। जिससे वे अभी से गिरने लगे हैं। भविष्य में हालात बहुत खराब हो सकते हैं। खड़खडेश्वर व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेश सुखीजा एवं जिला उपाध्यक्ष धर्मपाल प्रजापति ने कहा कि कार्यदायी संस्था ने बड़ा घोटाला किया है। जिसकी जांच होनी जरूरी है। कई जगह अर्थिंग नही नही की है तो कई जगह कनेक्शन देने भी भूल गई है और निर्माण में बड़ी धांधली की है। माॅनिटरिंग और संस्थाओं पर कोई अंकुश न होने की वजह से कई कार्यदायी संस्थाए लापरवाही ओर घटिया समाग्री का उपयोग कर जनता के पैसे को ठिकाने लगाने के कार्यो की निष्पक्ष जांच राज्यपाल को करानी चाहिए। मांग करने वालों में मुख्य रूप से भूदेव शर्मा, विनोद गिरी, धर्मपाल प्रजापति, रवि कुमार, विशाल मलिक, एसएन तिवारी, देवी प्रसाद शर्मा, अरुण शर्मा, प्रीतम सिंह, गणेश शर्मा, दीपक मेहता, प्रीतम सिंह, सुभाष ठक्कर, रोहित भसीन, राजेश शर्मा, राजू कुमार आदि शामिल रहे।

 प्रदेश व्यापार मंडल की मांग कुंभ मेले का नोटिफिकेशन 1 जनवरी से  हो

प्रदेश व्यापार मण्डल की बैठक सुभाष घाट पर आहुत की गई। बैठक मे सरकार से माँग की गई कि महाकुम्भ का नोटिफिकेशन एक जनवरी से किया जाए और 14 जनवरी को प्रदेश व्यापार मण्डल यात्रा निकाल कर कुम्भ स्नान करेगा। साथ ही गंगा सभा व अखाड़ो से अपील की गई की वह भी ये माँग उठाए कि कुम्भ का नोटिफिकेशन जनवरी से किया जाए। बैठक की सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष संजीव चैधरी ने कहा की पूरा साल बीत गया व्यापारियों की दुकाने अभी भी सुनी पड़ी हैं। व्यापारी बर्बाद हो चुका है। ऐसे मे कुम्भ का नोटिफिकेशन यदि जनवरी से ना किया गया तो यात्री यहां नहीं आएगा और यात्री ना आया तो टूटा हुआ व्यापारी सड़क पर आ जाएगा।  चैधरी ने कहा कि अखाड़े व गंगा सभा खामोश हो कर सरकार के इस निर्णय को समर्थन ना दे। बल्कि हमारे साथ खड़े हो और व्यापारी का समर्थन करे। उन्होंने मेला प्रशासन से माँग की कि स्नान की व्यवस्था कराए व अखाड़े व संत समाज इस यज्ञ मे शामिल हो कर आहुति दें। संरक्षक सुरेश भाटिया व महानगर अध्यक्ष मयंकमूर्ति भट्ट ने कहा की 14 जनवरी को व्यापारियों द्वारा किए जाने वाले गंगा स्नान में सभी व्यापारी व आम नागरिक आमंत्रित है। शहर अध्यक्ष कनखल व महानगर महामंत्री सुमित अरोरा ने कहा की कनखल से भी सैंकड़ों व्यापारियों यात्रा में शामिल होगे। बैठक में मुख्य रूप से पूर्व युवा शहर अध्यक्ष विशालमूर्ति भट्ट, प्रवीण शर्मा, जिला उपाध्यक्ष राजू वाधवा, सर्वेश्वरमूर्ति भट्ट, सुमित शर्मा, मनोज सिरोही, आशीष शर्मा आदि सहित अनेक व्यापारी उपस्थित रहे।

 मांगों के समर्थन में कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले नगर निगम कर्मचारियों ने दिया धरना

 नगर निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले निगम के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर धरना दिया। मांगें पूरी न होने पर कर्मचारियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मंगलवार को आठ सूत्रीय ज्ञापन देने के बाद भी सात दिन में भी वार्ता न होने से नाराज कर्मचारियों ने निगम कार्यालय पर धरना दिया। धरना स्थल पर पहुंचकर पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार व श्रमिक नेता सुरेंद्र तेश्वर ने कहा कि आज मजदूर अपनी ताकत को नहीं पहचान रहा है। इसलिए अधिकारी अपनी हठधर्मिता कर रहे हैं। अपने पुराने इतिहास को याद कर अपने अधिकार के लिए लड़ने को तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा की सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। मजदूर नेता मुरली मनोहर, राजेंद्र श्रमिक, सुनील राजौर, आत्माराम बेनीवाल, संदीप चिनालिया ने भी संबोधित किया। धरने पर नगर आयुक्त के प्रतिनिधि के रूप में सहायक नगर आयुक्त महेंद्र यादव ने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि नगर आयुक्त की मेला कार्यों में व्यस्तता रहने के कारण यूनियन प्रतिनिधियों की समय पर वार्ता के लिए बैठक नहीं बुलाई जा सकी। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए 31 दिसंबर को मोर्चे की बैठक बुलाने का पत्र जारी कर दिया है। वार्ता का पत्र मिलने पर सर्वसम्मति से धरना स्थगित कर दिया गया। धरने का संचालन जितेंद्र तेश्वर ने किया। धरना देने वालों में सलेकचंद, प्रवीन तेश्वर, राजू खैरवाल, राजेश खन्ना, बंटी, लक्ष्मीचंद, अशोक कुमार छाछर, राकेश, मोती राम, किशोर, सुनील बेदी, प्रमोद अनुराग, आंनद, बलराम चुटेला, प्रमोद, घनश्याम पेवल, काजल, कुसुम, प्रकाशी, सुमन, बबली, प्रियंका, ममता, जुगनू कांगड़ा, लोकेश, संजय चुटेला, राजेश, सतीश कुमार, नवीन, संजीव बाबा, कन्हैया, काका, गुलशेर, आदेश यादव शामिल रहे।

 मेलाधिकारी ने किया घाटों पर बनाई गई कलाकृतियों का निरीक्षण

मेलाधिकारी दीपक रावत ने घाट और भवनों की दीवारों पर कलाकृतियों को बनाने के काम का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। कुंभ से पहले सभी घाट और दीवारों को भव्य रूप देने का कार्य कर लिए जाने की बात उन्होंने कही। मंगलवार को मेलाधिकारी दीपक रावत ने मायापुर में तुलसी चैक से नगर निगम भवन के पीछे बने घाटों पर बनाई गई कलाकृतियों का निरीक्षण किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि घाटों को और भव्य रूप किस तरह से दिया जा सके इसको लेकर व्यवस्था परखी गई। उन्होंने कहा कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालु घाट, भवन, हाईवे पर बन रही कलाकृतियों को देखकर एक अच्छा संदेश लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र नजर आएंगी। जो कलाकृतियां बनाई गई हैं, उनसे बच्चों को भी एक शिक्षा मिलेगी। क्योंकि प्रदेश की संस्कृति, रामायण, महाभारत आदि कलाकृतियों के माध्यम से दर्शायी गई है। जिससे लोगों को बहुत कुछ जानकारी मिलेगी। निरीक्षण में एचआरडीए सचिव व अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह भी शामिल रहे।



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