व्यापक जनहित को देखते हुए बॉर्डर पर सख्ती खत्म होनी चाहिए - स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी

बॉर्डर बंद होने से श्रद्धालु उत्तराखंड में नहीं आ पा रहे


 श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर म.म.स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने प्रैस को जारी बयान में कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था पूरी तरह धार्मिक पर्यटन पर निर्भर है। लेकिन कोरोना के चलते बार्डर बंद होने की वजह से श्रद्धालु उत्तराखण्ड नहीं आ पा रहे हैं। जिससे धार्मिक पर्यटन पर आश्रित राज्य की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। श्रद्धालुओं के नहीं आने के कारण राज्य का व्यापार पूरी तरह चैपट होकर रह गया है। व्यापारी हताश व निराश हैं। चारों धाम सहित सभी धर्मस्थल सुनसान हैं। मठ मंदिरों के पुजारी व पुरोहित भी संकट में हैं। लोगों के सामने खाने तक का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में सरकार को व्यापाक जनहित को देखते हुए बार्डर पर जारी सख्ती को समाप्त करना चाहिए। जिससे लोग आसानी से उत्तराखण्ड आ सकें। स्वामी कैलशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि सरकार तो बार्डर खोलने की बात कर रही है। लेकिन सहज तरीके से यात्री प्रदेश में नहीं पहुंच पा रहे हैं। मेडिकल जांच के पश्चात आने वाले यात्रियों को सुविधाजनक तरीके से प्रवेश करने दिया जाए। कठिन नियमों के कारण सरकार के बार्डर खोलने के आदेशों का सकारात्मक प्रभाव नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य जांच में लचीला तरीका अपनाया जाना चाहिए। जिससे यात्रियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और स्थानीय लोगों की आय में सुधार होगा। सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए अपने धार्मिक क्रियाकलापों को अंजाम दें। सरकार को कोरोना नियंत्रण के साथ आम लोगों की आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए।


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