सुरक्षा प्रहरियों के बिना सुरक्षित रह पाना संभव नहीं - डॉ प्रणव पंड्या

 किसी देश, राज्य की सुरक्षा प्रहरियों की कर्तव्यनिष्ठा से वहां की प्रगतिशीलता का आंकलन किया जा सकता है। सुरक्षा प्रहरियों के बिना सुरक्षित रह पाना संभव नहीं है। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या सीआईएसएफ (केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) द्वारा हरिद्वार के बीएचईएल में आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रतिकुलपति ने कहा कि सीआईएसएफ के जवान जिस तरह केंद्र एवं राज्य सरकारों के विभिन्न संस्थानों को सुरक्षित रखने के लिए अपना योगदान दे रहे हैं, प्रशंसनीय है। जवान जिस तरह प्रत्येक कार्यक्रमों में ईमानदारी, जिम्मेदारी के साथ दिन-रात अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। इससे सभी को सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रहरी के जवान प्रायः हर त्योहार और निजी जिंदगी के ऐसे अनेक महत्वपूर्ण अवसर को हम सबकी सुरक्षा में लगा देता है, ताकि हम महफूज रह सकें।इस अवसर पर देसंविवि के प्रतिकुलपति ने जवानों के साथ पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में चलाये जा रहे कार्यक्रमों की प्रशंसा की। सीआईएसएफ बीएचईएल इकाई के कमांडेंट टीएस रावत ने देश की रक्षा में सुरक्षा प्रहरियों के योगदान से लेकर पर्यावरण संरक्षण में पौधों की उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर सीआईएसएफ के जवानों के साथ भारतीय स्टेट बैंक की एजीएम रुबी मिश्रा, शांतिकुंज कार्यकर्त्ता हरिमोहन गुप्ता, सीआईएसएफ के अधिकारियों ने एक-एक पौधे रोपे।


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