*एम्स ऋषिकेश* उत्तराखण्ड मे आई बैंकिंग और कार्निया प्रत्यारोपण

 


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में नेत्र रोग विभाग की ओर से नेत्र पखवाड़े के तहत ‘‘उत्तराखण्ड में आई बैंकिंग एवं काॅर्निया प्रत्यारोपण‘‘ विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत जी ने कहा कि देश को नेत्रदान के सामुहिक संकल्प से ही अंधापन से मुक्त किया जा सकता है। लिहाजा इसके लिए लोगों को आगे आना होगा। नेत्र रोग विभाग, एम्स ऋषिकेश व आई बैंक एसोसिएशन ऑफ इंडिया एंड उत्तराखंड स्टेट ऑप्थलमोलॉजी सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वेबीनार में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने समाज के सभी वर्गों के लोगों से नेत्रदान की प्रतिज्ञा लेने का आह्वान किया। निदेशक एम्स प्रो. रवि कांत जी ने कहा ​कि संकल्प से ही हम अपने देश में व्याप्त अंधापन की समस्या को शीघ्र ही समाप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर एम्स निदेशक ने नेत्र रोग विभाग की ओर से वेबीनार के आयोजन की सराहना भी की। एम्स दिल्ली के आरपी सेंटर आफ ऑप्थलमोलॉजी साइंसेज की संकाय सदस्य एवं आई बैंक एसोसिएसन ऑफ इंडिया की सचिव प्रो. नम्रता शर्मा ने कोविड-19 में काॅर्निया संग्रहण एवं प्रत्यारोपण पर चर्चा की। वेबीनार में एम्स के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव कुमार मित्तल ने काॅर्निया अंधापन के बाबत विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारे देश में लगभग 10 से 20 लाख लोग काॅर्निया अंधापन से ग्रसित हैं। उत्तराखंड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अध्यक्ष डा. अंजलि नौटियाल ने उत्तराखंड में शुरुआत से अब तक नेत्र बैंक एवं काॅर्निया प्रत्यारोपण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। संस्थान के आई बैंक की निदेशक डा. नीती गुप्ता ने एम्स ऋषिकेश में शुरू किए गए आई बैंक में एचसीआरपी की विभिन्न भूमिकाओं से अवगत कराया। कार्यक्रम में यूकेएसओएस के अध्यक्ष डा. जयदीप दत्ता, सचिव डा. सतांसु माथुर, पुरस्कार समिति के अध्यक्ष डा. गौरव लूथरा, उत्तराखंड राष्ट्रीय प्रोग्राम के अध्यक्ष डा. सरोज नैथानी, प्रो. आभा गहलोत, फोरेंसिक विभाग, एम्स ऋषिकेश के डा. आशीष भूट्टे आदि ने बतौर मुख्य मुख्य पैनलिस्ट शिरकत की। वेबीनार में महंत इंद्रेश अस्पताल देहरादून की डा. तरन्नुम सकील, निर्मल आई इंस्टिट्यूट की डा. वंदना येन, दृष्टि आई इंस्टिट्यूट की संकाय डा. रूचिका पटनायक, हिमालयन अस्पताल, जौलीग्रांट नेत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डा. रेनू धस्माना ने प्रतिभाग किया व विचार रखे। आयोजन में एम्स के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष प्रो. संजीव कुमार मित्तल, डा. नीती गुप्ता, डा. अजय अग्रवाल, डा. विनीता गुप्ता आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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