उपभोक्ता फोरम ने शिकायतकर्ता पर ही 1 लाख जुर्माना क्यों लगाया?

गलत तथ्य और बिना क्षेत्राधिकार के दाखिल शिकायत को खारिज करके शिकायतकर्ता पर एक लाख जुर्माना 


उपभोक्ता फोरम ने गलत तथ्य व बिना क्षेत्राधिकार की दाखिल शिकायत को खारिज करते हुए शिकायतकर्ता पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। उक्त हर्जाने की राशि फोरम में जमा करने के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता नसीम अहमद पुत्र सिराजुद्दीन निवासी ग्राम पिरान कलियर रुड़की ने एक शिकायत प्रबंधक संजय मेसर्स मेग्मा फिनकॉर्प लिमिटेड ज्वालापुर व डायरेक्टर, मेसर्स मेग्मा फिनकॉर्प लिमिटेड कलकत्ता पश्चिम बंगाल के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने एक टैक्सी दो लाख रुपये जमा कर फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस कराकर खरीदी थी। बताया कि वह प्रतिमाह 16.667 रुपये किश्तें के रूप में जमा करता आ रहा है। यही नहीं, शिकायतकर्ता ने उक्त कार की कीमत से अधिक धनराशि कम्पनी को देने की बात कही। फरवरी 2018 में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि टैक्सी ड्राइवर से मारपीट कर फाइनेंस कंपनी ने गाड़ी छीन ली थी। शिकायतकर्ता के नोटिस भिजवाने के बावजूद भी फाइनेंस कंपनी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। दोनों पक्षों की ओर से दाखिल कागजात व सबूतों को देखते हुए शिकायत को निराधार ठहराया है।फोरम अध्यक्ष कंवर सैन,सदस्य अंजना चड्डा व विपिन कुमार ने शिकायत की सुनवाई करने के बाद उसे बिना क्षेत्राधिकार के निरस्त करते हुए एक लाख रुपये बतौर हर्जाना राशि फोरम कोष में जमा करने के आदेश दिए हैं।


Popular posts from this blog

कल शनिवार और रविवार को लॉकडाउन में कौन - कौन संस्थान खुलेंगे ?, गाइडलाइन जारी

हरिद्वार आने वालो के लिए नई गाइडलाइन जारी, पर्यटकों को अनावश्यक रूप से ना रोका जाए - जिलाधिकारी

ब्रेकिंग न्यूज-कोरोना चार सौ पार