लोक अभियोजक / सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ( फौजदारी) के दो पद सृजित होंगे ?

पोक्सो एक्ट के लम्बित प्रकरणो के शीघ्र निस्तारण के लिए हरिद्वार और रुड़की मे शासकीय अधिवक्ता हेतु आवेदन करें


जिलाधिकारी हरिद्वार श्री सी0 रविशंकर ने अवगत कराया कि उत्तराखण्ड शासन के निर्देशों के क्रम में हरिद्वार एवं रूड़की में पोक्सो एक्ट के लम्बित प्रकरणों के शीघ्र विचारण/निस्तारण हेतु गठित फास्ट ट्रेक विशेष न्यायालयों में राज्य की ओर से पैरवी करने हेतु विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) के सृजित 02 पदों पर आबद्धता के सम्बन्ध में प्रस्ताव उत्तराखण्ड शासन को प्रेषित किया जाना है। शासन से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में विशेष अभियोजक/टटठसहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) हरिद्वार एवं रूड़की के पद पर कार्य करने के इच्छुक ऐसे अधिवक्ताओं से जिन्होंने लैगिंग अपराधांे से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा-32 की उपधारा (1) के अधीन विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त किये जाने के लिए कोई व्यक्ति तभी पात्र होगा, यदि वह अधिवक्ता के रूप में सात वर्ष से अन्यून अवधि के लिए व्यवसाय में रहा हो तथा विधि परामर्शी निदेशिका के प्रस्तर 7.03 में वांछित योग्यता रखता हो, ऐसे पात्र दिनांक 06.07.2020 तक अपना आवेदन पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। इच्छुक अधिवक्ता जो उक्तानुसार विधि व्यवसाय में कम से कम 07 वर्ष का अनुभव रखते हों, निर्धारित तिथि तक आवेदन पत्र पंजीकृत डाक द्वारा अथवा व्यक्तिगत रूप से न्याय अनुभाग, कक्ष नं0 209, कलेक्ट्रेट रोशनाबाद हरिद्वार में किसी भी कार्य दिवस में निर्धारित प्रारूप पर (क, ख) पर अपना आवेदन पत्र सीधे अथवा बार एसोशियसन के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं। समीपवर्ती जिलों में व्यवसायरत अधिवक्ता भी अपने जिले के जिलाधिकारी के माध्यम से इस पद के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते है परन्तु ऐसे आवेदन नियत तिथि के अन्दर जिला कार्यालय हरिद्वार के कक्ष संख्या-209 में न्याय अनुभाग पटल को प्राप्त हो जाने चाहिएं। निर्धारित तिथि एवं समय के पश्चात् प्राप्त किसी भी आवेदन पत्र पर विचार नहीं किया जाएगा तथा अपूर्ण आवेदन पत्रों को भी स्वीकार नहीं किया जायेगा। जनपद हरिद्वार में विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) हरिद्वार एवं रूड़की के सृजित पद पर आबद्धन हेतु आवेदन पत्र प्रारूप भाग-(क) 1. आवेदक का नाम - 2. पिता का नाम - 3. पूरा पता - (क) स्थाई पता - (ख) पत्र व्यवहार का पता - 4. शैक्षिक योग्यता - 5. जन्म तिथि (हाईस्कूल प्रमाण पत्र के अनुसार) - 6. अधिवक्ता बनने की तिथि/रजिस्ट्रेशन संख्या सहित - 7. वकालत प्रारम्भ करने की तिथि - 8. किन किन न्यायालयों में वकालत की तथा कार्य अवधि - 9. किस-किस कानून में वकालत हेतु विशेष योग्यता प्राप्त है - 10. आयकर दाता है अथवा नहीं, यदि हां तो पिछले तीन वर्षों के आयकर रिटर्न प्रस्तुत करें - 11. हिन्दी में प्राप्त योग्यता - नोट - कमांक 4,5,6,7,10 के कथनों की पुष्टि में प्रमाण संलग्न किया जाये। भाग-(ख) आवेदन पत्र के साथ संलग्न किये जाने वाले अन्य अभिलेख - 1. पिछले तीन वर्षों में विधि व्यवसाय की आय पर अदा किये गये आयकर की धनराशि ................ और यदि आयकर न लगाया गया हो, तो भेजी गयी आयकर विवरणी, यदि कोई हो। 2. यदि इससे पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता/अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अथवा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के रूम में कार्य किया हो तो, प्रमाण-पत्र। 3. दो वर्षों की कार्यवाही के दौरान किये गये कार्य का न्यायालय द्वारा यथा विधि सत्यापित ब्यौरा एवं क्या दाण्डिक विधि के केसों में विधि कार्य किया है, का विवरण सहित प्रस्तुत करना होगा। 


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