हिस्सा बटने से पूर्व ही लुटेरे धरे गए

झबरेड़ा सहकारी समिति में हुई 22-62लाख की डकैती का पर्दाफाश


झबरेड़ा थाना क्षेत्र में सोमवार को बहुदेश्यीय किसान सेवा सहकारी समिति झबरेड़ा के कैशियर और कर्मचारी से हुई 22.62 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा करते हुए मामले का पटाक्षेप कर दिया है। लूट की इस पटकथा को लिखने वाला कोई और नहीं समिति का कैशियर ही निकला। कैशियर ने एक कर्मचारी से मिलीभगत कर इस घटना को अंजाम दिलाया। लूट की घटना को अंजाम देने वाला कैशियर का चाचा और नौकर था। पुलिस ने कैशियर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपित अभी फरार है। आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई सारी रकम बरामद कर ली है। कोतवाली रुड़की में पत्रकारों एसएसपी डी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने बताया कि बहुदेश्यीय किसान सेवा सहकारी समिति झबरेड़ा के कैशियर आशु कुमार निवासी समसपुर खुंडेवाली झबरेड़ा और कर्मचारी रमेश चंद निवासी कोटवाल झबरेड़ा से सोमवार दोपहर उस समय 22 लाख 62 हजार रुपये की लूट हो गई थी। जब वह समीप ही स्थित एक बैंक में यह रुपये जमा कराने जा रहे थे। लूट के बाद से एसओजी व पुलिस की टीम बदमाशों की तलाश में जुटी थी। लूट की घटना के संबंध में जब कैशियर आशु कुमार और कर्मचारी सन्नी चैधरी निवासी मोहल्ला गढ़ीबहार झबरेड़ा से पूछताछ की गई तो उनकी बातों पर संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने लूट की घटना स्वयं कराए जाने की बात कबूल की। आरोपित आशु कुमार ने बताया कि शनिवार को बैंक बंद होने से कैश जमा नहीं हो पाया था। शनिवार और सोमवार को अधिक कैश हो गया था। जिसके चलते उन्होंने खुद ही उसकी लूट की योजना तैयार की। इसमें आशु कुमार ने अपने चाचा पंकज निवासी समसपुर खुंडेवाली झबरेड़ा और नौकर धर्मेंद्र निवासी डेलना झबरेड़ा को शामिल किया। कैशियर आशु कुमार व कर्मचारी रुपये जमा कराने जा रहे थे तो योजना के मुताबिक पंकज और धर्मेंद्र ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और तमंचे के बल पर नोटों से भरा थैला लूट लिया। थैले में 20.29 लाख रुपये थे, जबकि 2.32 लाख का केवल वाउचर था। सन्नी चैधरी ने यह रुपये अपने पास ही रखे हुए थे। जिन्हें बाद में बांटा जाना था। एसएसपी ने बताया कि कैशियर आशु कुमार, कर्मचारी सन्नी चैधरी और लूट करने वाले पंकज को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी निशानदेही पर लूटी गई रकम भी मिल गई है। तीनों से लूट की रकम बरामद हुई है। एक आरोपित धर्मेन्द्र अभी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि घटना का पटाक्षेप करने वाली पुलिस टीम को पुलिस महानिदेशक ने 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। टीम में एसपी देहात एसके सिंह, सीओ मंगलौर डीएस रावत, थानाध्यक्ष झबरेड़ा रविंद्र कुमार, एसआई अर्जुन कुमार, एसओजी प्रभारी एनके बचकोटी, एचसीपी देवेंद्र भारती, जाकिर हुसैन, नितिन, सुरेश रमोला, अशोक, महिपाल और रविंद्र खत्री के नाम शामिल हैं।


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